अध्याय 45

कैट्निस की आँखों में गुस्सा भड़क उठा। वह एक पल को लड़खड़ा गई—एक बाग़ी चेहरा उसके दिमाग़ में चमक गया, और उसकी साँस जैसे छिन गई।

वह हमेशा इस उसूल पर जीती आई थी कि जब तक कोई उसे पहले न छेड़े, वह किसी को परेशान नहीं करेगी। नरमी उसका नियम था। इंग्रिड और एक दूसरा शख़्स ही इसके अपवाद थे।

कैट्निस की मुट्ठ...

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